संयुक्त
राष्ट्र संघ ने वर्ष 2003 में जारी एक रिपोर्ट में बताया था कि
भारत में 1987 से लेकर 2013 तक, 2 हजार 556 महिलाओं
को डायन कह कर मार दिया गया.वर्ष 2010 के बीच डायन कहकर 528 औरतों की हत्या की गईं.क्या ये आंकड़े चैंकाने के लिए काफी
नहीं.मात्र एक अंधविश्वास के कारण इतनी हत्याएं कर दी गईं.आजादी के इतने वर्षों
बाद भी ऐसी घटनाएं क्या दर्शाती हैं?क्या वास्तव में हम आजाद हैं?यह सुनकर आपकी रूह नहीं कांपती?
राजस्थान डायन- प्रताड़ना निवारण अधिनियम-2015 को 26 जनवरी 2016 से राज्य में लागू कर दिया गया है।
डायन से
क्या तात्पर्य है – ऐसी
स्त्री जिसके लिए यह माना जाता है कि उसके पास कोई बुरी शक्ति है या वह स्त्री
किसी बुरी शक्ति के कब्जे में है और वह किसी भी व्यक्ति या किसी की भी सम्पति को
हानि पंहुचा सकती है l
डायन चिकित्सा – वह व्यक्ति जिसे गुनिया, तांत्रिक, ओझा या अन्य किसी नाम से जाना जाता है जो यह दावा करता हो
कि वह भुत प्रेत या डायन को नियंत्रित कर सकता है l और बुरी आत्मा से मुक्त करने के लिए कोई अनुष्ठान करता हो l
डायन प्रथा में क्या समिलित है –
1 किसी स्त्री को डायन बोल कर दोष लगाना और मानहानि करना l
2 स्त्री को शारीरिक, मानसिक और सामाजिक तौर पर परेशान करना, उसकी सम्पति को
डायन प्रथा के लिए दण्ड
1 एक वर्ष से लेकर पांच वर्ष तक का कठोर
कारावास
2 50 हजार रूपए
का जुर्माना
3 उपरोक्त दोनों
ही
4 यदि किसी
स्त्री को डायन बोलकर उसे घृणाजनक पदार्थ का सेवन करने को बाध्य करना, नग्न या कम
वस्त्रो में या पुते हुए चेहरे के साथ दुसरो के सम्मुख प्रस्तुत करना इत्यादि तो
उसके लिए तीन साल से सात साल की कठोर कारावास सजा और 50 हजार रूपए का जुर्माना तय
है l
5 डायन चिकित्सक
के लिए एक साल से तीन साल का कठोर कारावास और 10 हजार रूपए जुर्माना जो कि बढ़ा कर
50 हजार रूपए भी किया जा सकता है l
6 यदि प्रताड़ित
की मृत्यु हो जाती है तो जो भी व्यक्ति इस घ्रणित कार्य में सम्मिलित है उन सभी को
सात साल से लेकर आजीवन कारावास की सजा मिलती है l और जुर्माना 1 लाख से कम नहीं होगा l